22 April 2024

झारखंड में निवेश की असीम संभावनाएं: हेमंत सोरेन

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New Delhi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीति आयोग की शासी परिषद की आठवीं बैठक में कहा कि आधारभूत संरचना के क्षेत्र में झारखंड में निवेश की असीम संभावनाएं हैं. उनकी सरकार  इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री से आग्रह है कि को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म के सिद्धांतों को धरातल पर उतारते हुए राज्य को उचित सहयोग प्रदान किया जाये, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में झारखंड भी अपनी भागीदारी दर्ज करा सके.

राज्य में पिछले तीन वर्षों में विकास की गति में काफी तेजी आई

सीएम ने कहा कि झारखंड में विगत तीन वर्षों में विकास की गति में काफी तेजी आई है. विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने हेतु महत्वपूर्ण प्रयास किये गये हैं. मैं इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि झारखंड देश के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य करने हेतु सदैव तत्पर रहा है एवं रहेगा.

जिला उद्योग केंद्रों को जिला MSME केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने एवं झारखंड की मूलभूत सरंचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि MSME क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु अलग MSME निदेशालय की स्थापना एवं वर्तमान जिला उद्योग केंद्रों को जिला MSME केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. MSME सेक्टर में स्थायी पूंजी पर देय पूंजीगत सब्सिडी को 25 % से बढ़ाकर अधिकतम 40 % तक किया जा रहा है.

झारखंड का प्रदर्शन हमेशा से उत्कृष्ट

मुख्यमंत्री ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर कि कहा व्यापार की सुगमता मामले में झारखंड का प्रदर्शन हमेशा से उत्कृष्ट रहा है. व्यापार सुधार कार्य योजना के शुरुआती 5 संस्करणों में झारखंड हमेशा शीर्ष 10 राज्यों की सूची में रहा है.

राजमहल एवं मानिकचक के बीच गंगा पर पुल बनाने में केंद्र करे सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड में राष्ट्रीय उच्च पथ घनत्व को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने के लिए कुल 8 प्रमुख सड़क कॉरिडोर (1662.50 किमी) को भी चिन्हित किया है. इन राजकीय पथों को राष्ट्रीय उच्च पथों में विकसित किये जाने से राज्य अंतर्गत उत्तर से दक्षिण एवं पूरब से पश्चिम कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी. साहिबगंज एवं मनिहारी घाट (बिहार) के मध्य गंगा नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय सेतु के तर्ज पर राजमहल एवं मानिकचक (पश्चिम बंगाल) के मध्य गंगा नदी पर उच्च स्तरीय सेतु निर्माण हेतु NHAI से अनुरोध किया गया है. इस प्रोजेक्ट के लिए हमें केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा है.

30,000 महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण दिया

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि महिलाओं का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. राज्य में SHG एवं ग्राम संगठनों में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने में झारखंड हमेशा से अग्रणी रहा है. पंचायतों में भी महिलाओं की भागीदारी के मामले में झारखंड की गिनती अव्वल राज्यों में की जाती है. डायन प्रथा से मुक्ति पाने के लिए राज्य के 7 जिलों के 25 प्रखंडों में गरिमा परियोजना मिशन मोड में चलाई जा रही है. फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत लगभग 30,000 महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण देकर उन्हें सम्मानजनक व्यवसाय से जोड़ा गया है. स्वस्थ झारखंड- सुखी झारखंड के संकल्प के तहत प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप राज्य के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांको तथा सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है. वर्तमान में शिशु मृत्यु दर 25 एवं मातृ मृत्यु दर 56 है.

मुख्यमंत्री सारथी योजना का शुभारंभ किया

राज्य के वंचित वर्गों को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने हेतु मुख्यमंत्री सारथी योजना का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से आने वाले तीन वर्षों में राज्य के सभी 264 प्रखण्डों में कौशल केन्द्र स्थापित किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त, राज्य के सर्वांगीण विकास में सभी गरीब एवं वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत प्रखंड स्तरीय केंद्र स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत 15 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 63,000 ग्रामीण गरीब युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है एवं लगभग 48,000 युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराई गई है.

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